Thursday, September 6, 2007

Is anjnabi duniya mein,Akela ek khawaab hu,

इस ajnabi दुनिया में,अकेला एक खवाब हु,
सवालो से खफा,छोटा एक जवाब हु,
जो ना समझ सके,उनके लिए "कौन",
जो समझ चुके,उनके लिए किताब हु ,
दुनिया कि नज़र में,जाने क्यों चुभा सा,
सबसे नशीली और बदनाम शराब हु,
सर उठाकर देखो,वो देख रह हाइ तुमको,
जिसको ना देखा उसने,वो चमकता आफ़ताब हु,
आंख से देखोगे,तो खुश पाओगे,
दिल से पूछोगे,तो दर्द का सैलाब हु .........!!! !

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