नज़र नही आता........
सितारों से भरा आस्मान मगर अफताब नज़र नही आता,
फूलों से भरी महफिल में कोई गुलाब नज़र नही आता,
ख्वाब तो देखती है ऑंखें रोज़ नए,
जिसकी ताबीर हो मुमकिन ऐसा ख्वाब नज़र नही आता,
अब तो नज़रों कि शरम भी बाकी ना रही,
किसी चहरे पे शर्मो हया का नकाब नज़र नही आता

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