सिनेमा भी उधार देखा है...
यूसुफ़ का हुस्न, जुलेखा का घुमार देखा है,कुछ इस तरह से हसीनों का प्यार देखा है,
उन्हें खिलने पिलाने मैं हुई है यह हालत,कसम खुदा कि..सिनेमा भी उधार देखा है...
Labels: हँसना मना है
यूसुफ़ का हुस्न, जुलेखा का घुमार देखा है,कुछ इस तरह से हसीनों का प्यार देखा है,
Labels: हँसना मना है
0 Comments:
Post a Comment
<< Home